Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

Mobile के रिश्ते.....!!!

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27 -Nov-2018 pravin tiwari Technology Poems 0 Comments  191 Views
Mobile के रिश्ते.....!!!

ए मेरे मालिक...... मेरे अपनों पर तू, इतना करम करना... उन के "Mobile" को, संभाल के तू रखना... रिश्ते निभते हैं, आजकल उसी से ही... हमारे रिश्ते को तू, उसी में क़ायम रखना... ना फुर्सत है हमें, कभी मिलने की... "What's up" की डोर से, हमें बांधे रखना..

मेरी IT अब जवान हो गई

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28 -Aug-2018 Rashmi Gupta Technology Poems 0 Comments  104 Views
मेरी IT अब जवान हो गई

मेरी IT अब जवान हो गई है, गुल से ये गुलिस्ता हो गई है, बड़े बड़े servers के घर से निकल कर, Clouds के flat मे shift हो गई है। Managers कि गोदी कि जरूरत नही है, पैरो पे अपने खड़ी हो गई है, APIs, Microservices, और DEVOPs, नये नये दोस्तो मै ये खो गई है। Mainframes के घर अब सूने

मोबाइल

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04 -Apr-2018 Suresh Chandra Sarwahara Technology Poems 0 Comments  345 Views
मोबाइल

मोबाइल है बड़े काम का करते सब इसका उपयोग, ज्ञान बढ़ाने में रहता है इसका बहुत बड़ा सहयोग। मित्रों रिश्तेदारों से भी करवा देता है यह बात, हर पल है सेवा में तत्पर चाहे दिवस रहे या रात। दूर दूर के लोगों को यह पल में दे द

Facebook और whatsapp

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20 -Mar-2018 Jyoti Technology Poems 0 Comments  445 Views
Facebook और whatsapp

Facebook और whatsapp है सब जगह छाया सबने साथ इसके हैं समय गंवाया क्या बच्चे बूढ़े और जवान छोड़े हैं सब ने सब काम Google बाबा ने भी कर दिया कमाल देते हैं वह सबको देश - विदेश का ज्ञान लड़कियों और महिलाओं ने थाम लिया YouTube का हाथ सीखा पढ

मोबाइल...!!

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मोबाइल...!!

कहते हैं नशा किसी भी चीज का क्यूँ न हो जब सर चढ़ कर बोलता है तो आदमी आदमी नहीं रहता,फिर नशा चाहे जैसा भी हो,किसी भी प्रकार का हो आदमी को को बर्बाद कर देता है। जिसमें आधुनिक युग में मोबाइल का नशा आज एक अलग और प्रथम स्था

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