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Cellphone

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19 -Sep-2015 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Technology Poems 0 Comments  892 Views
Dr. Roopchandra Shastri Mayank

पापा ने दिलवाया मुझको,
सेल-फोन इक प्यारा सा।
मन-भावन रंगों वाला,
यह एक खिलौना न्यारा सा।।

रोज सुबह को मुझे जगाता,
मोबाइल कहलाता है।
दूर-दूर तक बात कराता,
सही समय बतलाता है।।

नम्बर डायल करो किसी का,
पता-ठिकाना बतलाओ।
मुट्ठी में इसको पकड़ो और,
संग कहीं भी ले जाओ।।

इससे नेट चलाओ चाहे,
बात करो दुनिया भर में।
यह सबके मन को भाता है,
लोकलुभावन घर-घर में।।

बटन दबाते ही मोबाइल,
काम टार्च का देता है।
पलक झपकते ही यह सारा,
अंधियारा हर लेता है।।

सेल-फोन इस युग का,
इक छोटा सा है कम्प्यूटर।
गुणा-भाग करने वाला,
बन जाता कैल-कुलेटर।।



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