Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

तीर निशाना

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28 -Nov-2017 melodies and maladies Miscellaneous Poems 0 Comments  386 Views
melodies and maladies

तीर , तीर , तीर I
धनुर्धारी की दिखाए तस्वीर I
तेज , शोर , गरज , समझाती कितनी गंभीर I
लगे निशाना तो मिट जाती भविष्य की तकदीर I

चीरके हवा के परखों को दहशत फैलाती चारों ओर
अग्नि , वायु ,जल , नाग , ब्रह्म , पाशुपथ , हो जब सवार
मस्तिष्क में शक्ति इतनी चूर हो जाते क्रूर कठोर आकार
तुलना नहीं इसकी हर अस्त्र का यह घुड़सवार

एक ब्राह्मण की बनी तीरों की तार
उछल आयी कुएं में गेंद डरके मार
युवराजों की ख़ुशी बस दो से चार
आचार्य की सम्मान गले लगा एक हार

पशु पक्षियों से उसका गर्भ वैर
निर्दयी न इससे बढ़कर कोई और
बिछाकर दण्डकारण्य पर जालिम जंजीर
अग्नि से जुट ओड़ा कलंक निडर

एक तीर का गलत निशाना राजा दशरथ शाप से मजबूर
एक बोली - एक बाण , श्री रामचंद्र की पूजी अवतार I
ढ़ोकर कुरुवृद्धः की पार्थिव शरीर पुण्य से अमीर
धोकर पाप वाल्मीकि का , रचाया रामायण का खीर
रेखा खींचे इससे लक्ष्मण आज्ञाकारी की बानी लखीर
आँख कण्णप्प की इससे निकली , शंकरजी के अब प्रिय फकीर
गौतम बुद्ध को लगी निशाने खदेड़कर उनका ज़मीर
भौंक रोकी इसकी बौंछार ने एकलव्य की त्याग मधुर
वाली का वध एक तीर से सुग्रिव को न कोई ललकार
कलिंगों पर मारकाण्ड साम्राट अशोक की बसी शांति संसार
नेक कामों के कई हैं आधार
महान पुरुषों का हमें मिला पुरस्कार
तीर का जब कभी हुवा तिरस्कार
शांतिमय जीवन का नया आविष्कार



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