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तेरी कमी सी क्यों है

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15 -Jul-2016 Ajit Singh Negi Sad Poems 2 Comments  2,254 Views
Ajit Singh Negi

खुशनुमा इस मौसम में थोड़ी नमी सी क्यों है ..
छा रहे है अम्बर पे बादल पर कुछ कमी सी क्यों है....

बेपरवाह बह रही थी जो कल तक नदियाँ
सागर में जाके आज यू थमी सी क्यों है ........

यु तो रहता है मुस्कुराता हुआ मेरा चेहरा हरदम
फिर भी आँखों में नमी सी क्यों है ......

हर पल देखे है लाखो नज़ारे इन निगाहो ने
पर तेरे चेहरे पे ये नजरे यू थमी सी क्यों है......

कहने का तो है एक काफिला मेरे अपनों का मेरे साथ
फिर भी न जाने तेरी कमी सी क्यों है .........



Dedicated to
my love

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2 More responses

  • dhiraj Kumar
    Dhiraj Kumar (Registered Member)
    Commented on 16-July-2016

    Very touching...

  • poemocean logo
    Chandan Jha (Guest)
    Commented on 15-July-2016

    nice, I like it..

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