Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Utshah

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04 -Oct-2019 हर्षवर्धन उपाध्याय Terrorism poems 0 Comments  581 Views
Utshah

☺️☺️ उतसाह 370 ☺️☺️ आतंकवाद को नीचोड कर फेका मीनो से बत्तर । ढोल नगाड़ों के संग हटा तीन सौ सत्तर ।। हटा तीन सौ सत्तर देखो कवि झूमा है । इसी लिये शब्दों को कलमो से चूमा है ।। झूम - झूम कर देखो कवि ने दी है ताली । पांच अगस्

आतंकवाद और पाकिस्तान

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26 -Feb-2019 mannu bhai Terrorism poems 0 Comments  1,058 Views
आतंकवाद और पाकिस्तान

*आतंकवाद और पाकिस्तान* आज कलम की स्याही सूख गई, आत्मा मेरी दुख गई रफ्तार भी कुछ रुक गई, पर ना सोचना आंख झुक गई जो कांड हुआ है धोके से, जवाब भी तो मिलेगा चौके से हम चाल चलेंगे मोके से, जो ना रुकेगी किसी के रोके से हर भारत

पुलवामा की शहादत

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24 -Feb-2019 Babulal Pareek Terrorism poems 0 Comments  856 Views
पुलवामा की शहादत

आज की तारीख में हर दिल में आक्रोश और हर हाथ में तख्तियों पर लिखे नारे है ! ये हमारे वीरों की शहादत है और हमने आज कुछ सपूत देश की सुरक्षा में न्योछारे है !! गुस्सा हमारे दिल में है ,क्यों की वो हमारे लाल थे ! ऐ बुजदिल पड़ो

तब बर्दाश्त नहीं होता....!!! (Poem on Pulwama Terror Attack)

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20 -Feb-2019 pravin tiwari Terrorism poems 0 Comments  1,068 Views
तब बर्दाश्त नहीं होता....!!! (Poem on Pulwama Terror Attack)

तब बर्दाश्त नहीं होता....... जब बात करता पाक अमन की, और आतंक को जन्म देता है....! बढ़ा कर दोस्ती का हाथ, फिर पीठ में छुरा घोंपता है....! तब बर्दाश्त नहीं होता....... जब देश के जवानों पर, धोखे से वार होता है....! इस देश में रहने वाला ही,

फरिश्ते भला हम क्यों बने

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06 -Sep-2018 Anand kumar (Manish) Terrorism poems 0 Comments  1,033 Views
फरिश्ते भला हम क्यों बने

हमारे देश का स्वर्ग अब स्वर्ग न रहा देखने में यह नर्क से बत्तर लग रहा लगाए जा रहे हैं कहीं देश विरोधी नारे हो रही है कहीं जमकर पत्थरबाजियाॅ जलाया जा रहा कहीं हमारा तिरंगा लहराया जा रहा है कहीं पाकिस्तानी झंडा हो

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