Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

फरिश्ते भला हम क्यों बने

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06 -Sep-2018 Anand kumar (Manish) Terrorism poems 0 Comments  355 Views
फरिश्ते भला हम क्यों बने

हमारे देश का स्वर्ग अब स्वर्ग न रहा देखने में यह नर्क से बत्तर लग रहा लगाए जा रहे हैं कहीं देश विरोधी नारे हो रही है कहीं जमकर पत्थरबाजियाॅ जलाया जा रहा कहीं हमारा तिरंगा लहराया जा रहा है कहीं पाकिस्तानी झंडा हो

भक्तों पर हमला....

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14 -Jul-2017 Piyush Raj Terrorism poems 0 Comments  300 Views
भक्तों पर हमला....

*अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले पर आक्रोश व्यक्त करती मेरी कविता* महाकाल के दर्शन करने गए थे जो वे ही खुद काल के मुंह मे समा गए क्या थी उनकी गलती कोई तो बताए मुझे क्यो बेचारे बेकसूर अपने प्राण गवां गए दिल में एक आस लि

Nagrota Terrorists Attack

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01 -Dec-2016 Bas Deo Sharma Terrorism poems 0 Comments  163 Views
Nagrota Terrorists Attack




Aatankwaad

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10 -Oct-2016 Dhruvish Shah Terrorism poems 0 Comments  371 Views
Aatankwaad

Humare jawan ko marr ke tum nhi bchoge, Har ek sahid ka hisaab tum apne khun se bhroge, Yaad rkhna yeh hindustani ki zaban hein aaj nhi toh kal tum zaroor maroge, Esa hasr krenge tumhare ki tum zindgi aur maut ke liye tadpoge, Allah ke naam pe jaan lene waalo,ek dinn ayega jb tum allah ke paas jaane ke liye tarsoge, Yaad rkhna yeh hindustani ki zaban hein aaj nhi toh kal tum zaroor maroge.. Ho tum nadirr, Nhi bdl skti tumhari takdirr, Khun se bhr denge tumhari tasvirr, Tumhare vatan me ghus kr marenge,nhi bachane aayega tumhara pirr, Esi halat

हमारा शान्ति राग

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20 -Sep-2016 Girendra Singh Bhadauria Pran Terrorism poems 0 Comments  382 Views
हमारा शान्ति राग

जितना खतरा नही देश को आतंकी हत्यारों से । उससे ज्यादा भय लगता है चुनी हुई सरकारों से ।। वे मौनी थे ये बड़बोले दोनो वोट भिखारी हैं । लगता है ये सभी सैनिकों के ही घाघ शिकारी हैं ।। वर्ना क्या कारण है हमने सत्रह लाल प

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