हाँ ! मैं वक़्त हूँ

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24 -Aug-2017 Jyoti Time Poems 0 Comments  238 Views
हाँ ! मैं वक़्त हूँ

हाँ ! मैं वक़्त हूँ रहता हूँ अपनी धुन में खूबसूरत ख्वाबो को बुनता हूँ ख्वाहिशों में जीता हूँ देखे है मैंने बड़े - बड़े वीर ,योद्धा और राजाओं को जिसने सोचा मुझे थामने का हाथों से उसके फिसल जाता हूँ हाँ ! मैं वक़्त हूँ रहत

Waqt poem

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31 -Jul-2017 Ksheerja G Time Poems 0 Comments  189 Views
Waqt poem

Kuch gum Zaroori hote hai Aur kuch ehesaas bhi Zindagi ko naye sire se dekhne ke liye Ek daur se guzarna Zaroori hota hai Bohat kuch sikhaata hai waqt Humari wajood ko mazboot banata hai Kabhi Ujade rishto ko zinda karta hai Toh Kabhi Logonko hamari ehemiyat batata hai Kabhi hume khud se milata hai Toh kabhi hume apno se duur karta hai Hume Har mod par Ek naya khwaab deta hai Kai baar Junoon sab paane ka ‎prabal karta hai Hamari khamiyonko door karta hai Jo kitabein aur zindagi na de sake Woh seekh deta hai Galat hokar bhi Bohat Kuch sahi kar

वक़्त क्या है?

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13 -May-2017 Neha Sonali Agrawal Time Poems 0 Comments  468 Views
वक़्त क्या है?

वक़्त वक़्त की बात है! वक़्त है तेरे साथ! वक़्त से भरे ये अल्फ़ाज़ हैं, वक़्त की बातें हैं बेहिसाब, वक़्त से बँधी ये सांस है, वक़्त ही देता सबको आस, पर क्या कोई जाने है वक़्त की क्या है दास्तान? कभी ज्योतिष् समझाए, वक़

वक्त

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12 -May-2017 Anju Goyal Time Poems 0 Comments  308 Views
वक्त

वक्त  बन  बैठा  सिकंदर  है चला  रहा  बेबाक हुकूमत है  बाशिन्दे जो न करते कद्र उसकी चाबुक उन पर चलाता है  ।। जिसने ना  मानी  हुकूमत उसकी हाथ पर हाथ रखकर  बैठे  हैं   उन  दगाबाज  बाशिन्दो   को  सख्त  सजा  दिए  जा  रहा है ।

Samay ki Keemat

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05 -Apr-2017 Anju Goyal Time Poems 2 Comments  916 Views
Samay ki Keemat

समय की कीमत समझ वन्दे समय बड़ा बलवान रहता सबके लिए बराबर चाहे निर्धन हो या धनवान । समय है बहती नदियाँ सतत चलता रहता है आगे सदा बढ़ता रहता नहीं किसी के लिए रुकता है । ना उसे कोई खरीद पाया ना कोई उसे बेच पाया इसकी शक्

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