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तिरंगा / Tiranga

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23 -Jan-2020 Vaishno Khatri Patriotic Poems 0 Comments  668 Views
तिरंगा / Tiranga

तीन रंगों का मैं रखवाला खुशहाल भारत देश हो।
मेरी भावनाओं को सब समझें ऐसा यह सन्देश हो।

1.जब-जब होता छलनी मेरा सीना मैं भी अनवरत रोता हूँ ।
मेरे दिल की तो समझो मैं भी कातर और ग़मज़दा होता हूँ।
सब के मन को निर्मल कर दो प्यार का समावेश हो।
मेरी भावनाओं को सब समझें मेरा यह सन्देश हो।

उस छोटी-सी बच्ची को देखो पापा किसे बुलाएगी।
किस के कन्धे पर बैठकर दुनिया का हाल सुनाएगी।
दुश्मन खड़ा ताकता समझें उसकी घिनौनी सोच को।
मेरी भावनाओं को सब समझें ऐसा यह सन्देश हो।

तिरंगा / Tiranga


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