Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

शीशम

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06 -May-2017 Suresh Chandra Sarwahara Tree Poems 0 Comments  1,891 Views
शीशम

शीशम - - - - - - - - - - जग कठोर कहता है तुमको पता नहीं क्यों प्यारे शीशम, मुझको तो तुम लगते बिल्कुल कोमल कोमल रेशम रेशम । पात तुम्हारे कितने सुन्दर हो शिशु की ज्यों नर्म हथेली, जिसने निष्ठुर कठिन समय की नहीं अभी आघातें झेली

पेड़ हमारे साथी है

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25 -Apr-2017 Anju Goyal Tree Poems 0 Comments  10,454 Views
पेड़ हमारे साथी है

पेड़  हमारे  साथी  कहलाते मस्त   हवा  में  खूब   लहराते जीने  के  लिए   प्राण वायु   पहुँचाते   पेड़  पौधे   सबको   खूब  सुहाते  थके  यात्रियों   को  छाया  देकर   सबको  अपने  पास बुलाते  फल ,फूल  शुद्ध  हवा  देकर  सबको  खूब

नारिकेल (नारियल)

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16 -Apr-2017 Suresh Chandra Sarwahara Tree Poems 0 Comments  2,513 Views
नारिकेल (नारियल)

नारिकेल (नारियल) _____________________ सागर तट पर खड़े हुए हैं नारिकेल के लम्बे पेड़, ऊँचे उठ ये नभ छूते हैं कैसे कोई सकता छेड़। एक तना ऊपर तक जाता नहीं शाख का नाम निशान, सिर पर लम्बी सघन पत्तियाँ छतरी जैसे रखता तान । इन्हीं पत्त

पेड़ का मन / ped ka mann

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25 -Mar-2017 shalu L. Tree Poems 0 Comments  1,765 Views
पेड़ का मन / ped ka mann

पेड़ का मन बहोत खुशियां लहेरा उठी, जब पेड़ पर से हवा चली , पंख खोल पक्षियों ने, उड़ान भरने की तैयारी चली , बहार झूमे सावन में , हसीं गीत खुशियो के गाने लगी , इतनी हरियाली छायी जैसे,जीने की नयी उम्मीद जगी। सुन्दर छाया मे बै

पेड़ की अभिलाषा

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17 -Feb-2017 RAJ Tree Poems 0 Comments  1,932 Views
पेड़ की अभिलाषा

पेड़ की अभिलाषा मैं वसुंधरा का गहना हूँ, अमृत धारा का वासी हूँ, हे मानव ना काट मुझे, सदियों का जीवन साथी हूँ l पीछे मुड़कर भी देख जरा, मेरे पन्नों में इतिहास लिखा, फल फूल कन्द देकर मैंने, हर युग में जीना दिया सिखा, खग न

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