Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मंजुभाषिणी छंद "शहीद दिवस"

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14 -May-2021 Naman Tribute Poems 0 Comments  3 Views
मंजुभाषिणी छंद

(मंजुभाषिणी छंद) इस देश की भगत सिंह शान है। सुखदेव राजगुरु आन बान है।। हम आह आज बलिदान पे भरें। उन वीर की चरण वन्दना करें।। अति घोर कष्ट कटु जेल के सहे। चढ़ फांस-तख्त पर भी हँसे रहे।। निज प्राण देश-हित में जिन्हें दि

शहादत

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15 -Apr-2021 Devendra Chandrol Tribute Poems 0 Comments  423 Views
शहादत

जब जब कोई वीर शहीद होता है तब तब देश खून के आंसू रोता है, पर प्रश्न उठता है कि आखिर कब तक हम अपने वीरों का शहादत दिवस मनाएंगे और अपने वीरों की शहादत पर यूं आंसू बहाएंगे, कब हम नक्सलवाद और आतंकवाद से मुक्ति पायेंगे कब

अटल बिहारी वाजपेयी

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18 -Jan-2021 Parmanand kumar Tribute Poems 0 Comments  611 Views
अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी ******************* अटल एक विचार है, क्रांति है... अटल है तो भारत अंशुमान है... अटल है तो भारत देदीप्यमान है... अटल है तो भारत हिंदुस्तान है! ................................ अटल विराट है, विशाल है... अटल भारत का सच्चा सपूत है! अटल है तो

Adhyapak

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17 -Dec-2020 Harpreet Ambalvee Tribute Poems 0 Comments  309 Views
Adhyapak

मैं आज जो कुछ भी हूं, जहाँ भी हूँ, सब आपकी कृपा है, ये शान, ये शोहरत, ये अदब जो आज मेरे पास है, सब आप का दिया है, आज फल बनकर,कैसे भूल जाऊं उस पेड़ के बीज को, जो सिर्फ आप की मेहनत से सींचा हुआ है, मैं कुछ भी भूला नहीं मुझे आज भ

कविता : वंदे मातरम का ,फिर से अलख जगाना होगा

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01 -Dec-2020 Prabhat Pandey Tribute Poems 0 Comments  583 Views
कविता : वंदे मातरम का ,फिर से अलख जगाना होगा

इधर चुनावों की हलचल है और कुर्सियों की टक्कर उधर बुझ रहे माँ के दीपक ,जलते जलते सरहद पर क्या होगा ऐसी कुर्सी का जनता की मातमपुर्सी का सत्ता के इन भूंखे प्यासों को अब तो कुछ समझाना होगा वंदे मातरम का ,फिर से अलख जगा

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