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तू फिर आई है

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02 -Feb-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Sad Poems 0 Comments  294 Views
N.K.M.[ LYRICIST ]

POEM :- तू फिर आई है
POET :- N.K.M. [ +916377844869 ]

LYRICS :-

मेरी हर कहानी का सिला, तेरी जुबानी से था बोहोत जुड़ा...
पहाड़ों से ऊंचा था ख्वाब मेरा, टूट के टुकड़ों में ये नीचे हो गया...


दिल की महफ़िल में चर्चा ये आम हो गया,
हकीकत में तू भी मुझसे अब दूर हो गया,
फिर सपनों में क्यूं मेरे तू आई है


सांसों में छुपके तू फिर आई है
जीने की सजा तूने ही सुनाई है
हक में तू मेरे कुछ ऐसा बाकी रह गया
छूना हाथों का तेरे मुझको तंग कर गया
हाथों से भी लकीरें ना मिट पाई है


गोद में सुलाया था यूं मुझे,
उस गोद का अब नामो-निशां ही नहीं...
नींदों ने हिलाया अब है मुझे,
अपनी जुदाई उसे बता सकता मैं नहीं...

होनी शुरू जब रातें तुम मुस्कुरातें रहना,
बातों ही बातों में ऐसा कुछ भी ना कहना,
तेरी रुह में जान मेरी समाई है

सांसों में छुपके तू फिर आई है
जीने की सजा तूने ही सुनाई है
हक में तू मेरे कुछ ऐसा बाकी रह गया
छूना हाथों का तेरे मुझको तंग कर गया
हाथों से भी लकीरें ना मिट पाई है



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