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तू शामिल हुआ जिन्दगी में तो वजह मिल गयी।

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19 -Jul-2016 Astha gangwar Love Poem 4 Comments  718 Views
तू शामिल हुआ जिन्दगी में तो वजह मिल गयी।

तू शामिल हुआ जिन्दगी में तो वजह मिल गयी

लगने लगा है एेसा कि मुकम्मल मैं हो गयी

तू न था तो लगता था अधूरी सी थी मैं

तू मिला तो लगता है मेरी दुआ कबूल हो गयी

जिन्दगी साया है गम का भी और खुशी का भी

तू साथ है तो सारे जहाँ की खुशी मिल गयी

तू दूर होके भी मुझसे मेरे हर पल पास है

तेरे आने से मेरे जीने की आस मिल गयी

तू साथ रहे उम्र भर दुआ मांगू मैं

हमसफर ना सही दोस्त बनकर

तू ही है मेरी खुशी मेरी बंदगी

तू ही है मेरी आरजू मेरा सुकून

तेरे बिना न रह पाऊंगी तू ही है मेरा जुनून

तेरा साथ पाकर खुद को मै पूरा कर पाऊंगी

तुझे सोच के देख अफसाने लिखने लग गयी

तू शामिल हुआ जिन्दगी में तो वजह मिल गयी

लगने लगा है एेसा कि मुकम्मल मैं हो गयी।

-आस्था गंगवार



Dedicated to
Someone special

Dedication Summary
He was very special for me that's why I wanna dedicate this poem to him

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4 More responses

  • Astha gangwar
    Astha gangwar (Registered Member)
    Commented on 22-July-2016

    @GURUMEET SINGH GAUR
    Dear its my one year old poetry ab na mohabbat h na chaht.

  • GURUMEET
    GURUMEET (Registered Member)
    Commented on 22-July-2016

    राहे मोहब्बत की आसान बहुत है
    बस दिल मे फितूर बेबसी का ना हो।।
    खूबसूरत पंक्तियाँ.

  • Astha gangwar
    Astha gangwar (Registered Member)
    Commented on 21-July-2016

    @serajul haque
    Thanks.

  • poemocean logo
    Serajul haque (Registered Member)
    Commented on 20-July-2016

    9c poem.

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