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तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो

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13 -Feb-2018 Rohit kumar Ambasta Valentine Poem 0 Comments  235 Views
Rohit kumar Ambasta

खुदा का करिशमा, दुआओं का असर हो..
तुम्हीं मेरी मंजिल, तुम्हीं हमसफर हो..
तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो
तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो|

तुम बिन नहीं कोई भाता है मुझको,
तुम बिन नज़र कुछ ना आता है मुझको
तुम्हीं मेरी चाहत का पहला असर हो
तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो
तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो|

नज़रे भी देखे, नज़ारे भी देखे
अदाएँ भी देखी, इशारे भी देखे
सबसे हसी जिसको देखा, वो तुम हो
तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो
तुम्ही मेरे जीवन की शामों-सहर हो|

रोहित कुमार अम्बष्ट
Post No-4
दुमका, झारखण्ड
7004245439



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