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तुमने अपना फर्ज निभाया !!

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24 -Feb-2019 Babulal Pareek Spiritual Poems 0 Comments  680 Views
तुमने अपना फर्ज निभाया !!

तुमने अपना फर्ज निभाया !!
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माँ बाप की सेवा करना
प्रभु सेवा सम कर्म है माना
तुमने अपना फर्ज निभाया !
कर के उसे बताना क्या !!

बच्चो को लालन पालन संग
शिक्षा दे कर योग्य बनाया
तुमने अपना फर्ज निभाया
आशा व्यर्थ लगाना क्या!!

अपना पडोसी है अपना भाई
दुःख में उसका साथ निभा कर
तुमने अपना फर्ज निभाया
बार बार जतलाना क्या !!

सूर दास को राह दिखाई
दृष्टि हीन है अपना भाई
तुमने अपना फर्ज निभाया
इसमें कृपा भाव दिखलाना क्या !!


दरिद्र नारायण में है ईश्वर बसते
उसको भिक्षा रुपी भोग लगाया
तुमने अपना फर्ज निभाया
रुतबा इसका दिखलाना क्या !!

रोगी को रक्तदान है करके
उसको जीवन दान दिला कर
तुमने अपना फर्ज निभाया
सभा में रोब दिखाना क्या !!

यात्रा की भारी भीड़ में तुमने
दिव्यांग बुजर्ग को सीट है देकर
तुमने अपना फर्ज निभाया
प्रशंसा की आशा करना क्या !!

भीषण जाड़े की कड़क ठण्ड में
ठिठुरते प्राणी को वस्त्र है दे कर
तुमने अपना फर्ज निभाया
कह कर उसे जताना क्या !!

दान से बढ़कर धर्म नहीं है
इस से बढ़ कर पूण्य नहीं है
तुमने कर के फर्ज निभाया
अहंकार दिखलाना क्या !!


मानव देह को तुमने पाया
ईश्वर ने तुमको सबल बनाया
अच्छे मानव का कर्म निभाया
प्रभु सब जाने ,उस से छिपा है क्या !!
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रचना : बाबूलाल पारीक,अलीपुरद्वार



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