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तुमसे मिलकर तुम्हें अपना बनाना चाहती हूं मै

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15 -Sep-2019 Suman Kumari Love Poem 2 Comments  322 Views
तुमसे मिलकर तुम्हें अपना बनाना चाहती हूं मै

तेरी इन आंखो से निंदे चुराना चाहती हूं मै,
तेरे लगकर गले अब मुस्कुराना चाहती हूं मै...!!

कुछ भी नहीं रखा इन दूरियों भारी मोहब्बत में,
तुझसे मिलकर तुम्हें अपना बनाना चाहती हूं मै...!!

क्या गुजरेगी इस दिल पर तेरे जाने के बाद से,
तड़प इस दिल की अब सुनना चाहती हूं मै...!!

सपने बहुत से सजाएं मैंने तेरे गैर मौजूदगी में,
ख्वाब सारे अब हकीकत में पाना चाहती हूं मै...!!

लोग पूछते है ये सब लिखती हो किसके लिए,
गर हो इजाजत तो नाम दुनिया को बताना चाहती हूं मै...!!

सुमन कुमारी
Bhabua बिहार



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2 More responses

  • Suman Kumari
    Suman Kumari (Registered Member)
    Commented on 17-September-2019

    @Pankaj singh
    Dear viewer thank you sooo much for your support and kindly words....

  • poemocean logo
    Pankaj singh (Guest)
    Commented on 17-September-2019

    Nyc poem.

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