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उसे मेरी कदर नहीं।

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17 -Mar-2021 PURNIMA KUMARI Sad Poems 0 Comments  67 Views
उसे मेरी कदर नहीं।

उसे मेरी कदर नहीं ,
पर उसे हो कदर मेरी
कहीं दूर चली जाऊं मैं ,
फिर कभी लौट के ना आऊं मैं ,
याद रहे वह दिन उसे
जब मैं उसे सताती थी
फिर कभी ना उसे सताऊं मैं
कहीं दूर चली जाऊं मैं
फिर कभी लौट के ना आऊं मैं
किसी किताब में सिमट जाऊं मैं ,
आधे पन्नों सी
कहीं दूर चली जाऊं मैं ।
फिर कभी लौट के ना आऊं मैं
उसे मेरी कदर नहीं पर ,उसे हो कदर मेरी ।
आप मुझे भूल गई पर ,
मैं ना भूल पाऊंगी
लेकर उन यादों को कहीं दूर चली जाऊंगी।
उसे मेरी कदर नहीं पर उसे हो कदर मेरी।
P.K.G



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