Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हमें ना बोलो प्रेम विरोधी

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14 -Feb-2021 bharat Valentine Poem 0 Comments  65 Views
हमें ना बोलो प्रेम विरोधी

आज वैलेंटाइन डे पर विशेषतया लिखी मेरी कविता समीक्षा हेतु सादर प्रस्तुत है शीर्षक:- हमें ना बोलो प्रेम विरोधी धरा कृष्ण की हम कान्हा के हम पहचानें गहन रास को... नमन प्रेम को, नमन नेह को, नमन चाह को नमन राग को... रक्तशिर

तू कहां है बसा

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14 -Feb-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Valentine Poem 0 Comments  36 Views
तू कहां है बसा

SONG :- तू कहां है बसा LYRICIST :- N.K.M. [ 6377844869 ] LYRICS :- ::::::----- INTRO PART ::::::::----- समंदर मेरा तेरी बाहों से भरा, इश्क के पन्नों पर तेरा नाम सजा, तेरी दीवानगी ने दी ये कैसी सज़ा... मुझसे बिछड़ के तू कहां है बसा... ****************************** ::::::::------- CHORUS PART ::::::------- ये तो बता दे

TEARS

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19 -Nov-2020 saswat mohanty Valentine Poem 0 Comments  338 Views
TEARS

Have you ever wandered about the dew drops, The dew that falls down from your beautiful eyes, The drop that clears all your fears from the face. That very drop Is not because you are surrounded by too many, But rather there is no one to spare for any. That drop trying to hide from outside world, Is not afraid of people seeing it flowing down, But because it doesn't want to show up for people who value it down. Let me tell you a story of it. Deep inside a cave, There was drop ready to rage. No matter how many times he fell, That drop never came

किस नाम से तुझे पुकारूँ?

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21 -Feb-2019 सुमित.शीतल Valentine Poem 0 Comments  1,422 Views
किस नाम से तुझे पुकारूँ?

कविता: किस नाम से तुझे पुकारूँ? इस दुनिया में है जीव कितने सारे, इनमें कितनो को बुलाते है नाम से सारे। नामों का सिलसिला है कितना न्यारा, सोच भी नही सकते नामों का है इतना बड़ा पिटारा। सोच-सोच कर हूं परेशान, किस नाम से

सुनो न अभी भी सिर्फ तुमसे ही प्यार करते है

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13 -Feb-2019 शिवा Valentine Poem 1 Comments  1,201 Views
सुनो न अभी भी सिर्फ तुमसे ही प्यार करते है

हर रोज उस चांद में बस तुम्हारा ही दीदार करते है, सुनो न आज भी सिर्फ तुमसे ही प्यार करते है, अब तो तन्हा बैठ आसमां को निहारा करते है सारी रात, अब तो आकर चाँद सितारें भी करने लगे है मुझसे बात, रात भर जाग-जाग कर अभी भी सिर

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