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Vaqat ke saath chale

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19 -Oct-2015 Dushyant Patel Motivational Poems 0 Comments  1,334 Views
Vaqat ke saath chale

खुली आंसमा में आज़ाद उड़े
आओ हम अपना तक़दीर लिखे
चली गयी बचपन के दिन यारो
आओ कुछ कर दिखाने को ठाने
वक़्त के साथ चले ………..

युवा शक्ति हम देश के
विकास की नयी पथ बनाएँ
खुशहाली हो चारो ओर
इस जमीं को स्वर्ग बनाएँ
वक़्त के साथ चले ………..

न रूठेगी तक़दीर न टूटेगी सपने
कहते है मेहनत से
यहाँ सबकुछ मिलता है
बेवजह कोई बहाना न करे
वक़्त के साथ चले ………..

आशा की डोर हम न तोड़े
कर्तव्य से पीछे न हटे
आओ करे खूब मेहनत
जीत की परचम लहराए
वक़्त के साथ चले ………..

अतीत न भविष्य वश में
आज को बर्बाद न करे
पथ की काँटों को उखाड़ फेंके
चाँद के भी पार चले
वक़्त के साथ चले ……….

सपने भी होंगे अपने एकदिन
अटल साहस अपने पास रखे
झुक जायेगा आसमान एकदिन
अंदर अपने ज्ञान दीप प्रज्वलित रखे
वक़्त के साथ चले ………….

दुष्यंत पटेल //कृष//



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