Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

विचार-कवि-कविता

0
16 -May-2020 Nikhil Tripathi Miscellaneous Poems 0 Comments  187 Views
विचार-कवि-कविता

मन कितना नादान है,करता जो रहा अभिमान है

चंद सुनहरे शब्द लिखें,कहता कविता में जान है

हर ज़ुबाँ पर हो वाहवाही,जग में कुछ सम्मान हो

सुनता नही दिल की मेरे,समझाओ इस अंजान को।



कहना ख़ुद को कवि अभी,कविता का अपमान है

शब्द रचते कविता नहीं, इस सच से तू अंजान है

शब्द लिख दे उलत-पलत,बनी कविता बेजान है

तुझ जैसे चंचल मन ने कविता को किया बेराम है।




कविता वही जो दीप जलाये,स्थिरता से मान दिलाये

कविता वही जो सीश उठाये,रोते को हँसना सीखाये

कविता वही जो दिल मिलाये,रिश्तों को अनमोल बताये

कविता वही जो साथ लाये,राम-रहीम का भेद मिटाये।




भागीरथी सा पवित्र हो जो भाव से परिपूर्ण हो,

ज्ञान हो गीता से कैसा,काले मेघ में किंजल जैसा

मिट्टी से जुड़कर रहे,और बादलो के संग भी बहे

मोल उसका ना हो कोई पर ना जो मिट्टी में रहे।



लिख दी यदि ऐसी कविता,भाव हो जैसी शरीता

सम्मान मिले मिट्टी के मोल,अब बना तू कवि अनमोल।

–-------―निखिल त्रिपाठी



Dedicated to
Nikhil Tripathi

Dedication Summary
NIKHIL, NIKHIL,NIKHIL TRIPATHI, NIKHIL TRIPATHI, NIKHIL 7985,NIKHIL7985,NIKHIL7985, TRENDING,TOP POETS,HINDI POETRY,YOURQUOTE,NIKHIL TRIPATHI YOUR QUOTE,HINDI LOVE SHAYRI,LOVER POEMS,POETRY,POET TRIPATHI,GOOGLE,BLOGS,LIFE,LOVE,GAZAL,

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017