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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस

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27 -Jul-2020 Dr. Swati Gupta Nature Poem 0 Comments  221 Views
Dr. Swati Gupta

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर विशेष-
"वृक्षों की सुन लो करुण पुकार,
करो न उन पर अत्याचार,
न काटो स्वार्थवश उनको यूँ,
चहुंओर मच जाएगी हाहाकार,
अनायास काटते जब उनको,
पीड़ा होती है उन्हें भी अपार,
मीठे फल,सब्जी और अन्न देकर,
मानव जीवन को देते हैं संवार,
शुद्ध हवा और ऑक्सीजन देते,
पर्यावरण में करते हैं सुधार,
हरे वृक्ष आभूषण धरती के,
उजाड़कर न करो प्रकृति पर वार,
दिखाकर प्राकृतिक आपदा का रौद्ररूप,
समझा रही प्रकृति मानव को बारबार,
समय रहते न सुधरे हम इंसान अगर,
भावी पीढ़ी को सहनी पड़ेगी इसकी मार।।"
By:Dr Swati Gupta



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