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वियोग

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24 -Sep-2017 Anju Goyal Krishna Janmashtami Poems 0 Comments  661 Views
Anju Goyal

कान्हा तेरे वियोग में 
हम तो अँसूवन बहाते है। 
पनघट तट पे बाट निहारे
राह तुम्हारी जोहते है। 
 
पनघट सूना सूनी गलियाँ 
चैन हमारा खोवत है   ।
सावन बीता झूले सूने 
मधुवन भी अब रोवत है

मुख पे छाई हमरे उदासी
मनवा स्वप्न  सजाये है 
अब तो आजा नदियाँ तट पे
फूलों की सेज बिछाये है ।

कौन सुनावे मधुर मुरलिया
कौन बजावे धुन बाँसुरिया 
कब आवे कान्हा गलियाँ हमरी
आस मनवा जगावत है

सजधज बैठी आस लगाए 
मिलन की बेला बीते जावत है
कान्हा तनिक शीघ्र करो अब
सजनी प्रीत के गीत गावत है।

अंजू गोयल ।



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