Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

वृक्ष

0
25 -Sep-2017 Suresh Chandra Sarwahara Tree Poems 0 Comments  6,944 Views
Suresh Chandra Sarwahara

वृक्ष
_____
जीवन के आधार वृक्ष हैं
ये हैं सुख के साधन,
देव तुल्य हैं वृक्ष हमारे
हो इनका आराधन।
वृक्ष हमारे साथ रहे हैं
बनकर सच्चे सहचर,
साँस साँस के लिए जीव हर
रहता इनपर निर्भर।
पत्र पुष्प फल जड़ी बूटियाँ
वृक्ष हमें हैं देते,
पशु पक्षी सब वृक्षों से ही
जीवन-नौका खेते।
इस धरती के तापमान को
करते वृक्ष नियंत्रित,
नमी बनाकर ये करते हैं
मेघों को आमंत्रित।
अगर न होंगे वृक्ष धरा पर
नहीं बचेगा जीवन,
बंजर धरती पर होंगे बस
सूखा बाढ़ प्रभंजन।
नहीं उचित करना वृक्षों की
अन्धाधुन्ध कटाई,
वरना समझो मानव के सिर
विपदा ही मँडराई।
लें संकल्प सभी हम मिलकर
नहीं वृक्ष काटेंगे,
वृक्ष लगा हम तरह तरह के
सुख - छाया बाँटेंगे।
जगह-जगह पर करना होगा
वृक्षों का आरोपण,
तभी प्रदूषण पर हो पाए
हमसे कहीं नियंत्रण।
*****
- सुरेश चन्द्र "सर्वहारा"



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017