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#Vakt / वक्त

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21 -Sep-2020 shalu L. Time Poems 0 Comments  99 Views
#Vakt / वक्त

वक्त
जरूरत पड़ने पर अपनो की पहचान करता
जिंदगी के हर पड़ाव पर नए मुकाम बनाता
वक्त की बाजी है उम्र ये सारी
कभी सफलता से तो कभी मुसीबतों से मिलता।

कर्मो का सारा हिसाब वक्त लिखता है
ये वक्त भी अपने वक्त का इंतजार करता है
रोक नही सकता इसे युगों से जो चलाता है
पूरे ब्रम्हांड में जो वक्त चाहता है वो होता है

वक्त के मरहम से जख्म भर जाते।
वक्त से बीते पल कभी लौट नहीं आते।
साहस- महेनत ओर वक्त का साथ हो तो
मंजिल के रास्ते राही मिलो दूर से दिखते है।

वक्त की भी एक कमजोरी है
पता है क्या?
ये जुकता उसके आगे जो सच का साथी है
जवाब भी वक्त ही देता है उसका
जिसको वक्त की कद्र करने आती है।



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