Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

शहर की सड़के सूनी पड़ी है।

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03 -Mar-2022 ताज मोहम्मद War Poems 0 Comments  0 Views
शहर की सड़के सूनी पड़ी है।

शहर की सड़के सूनी पड़ी है फिज़ा भी सहम रही है। हवाओं में जहर घुल चुका है जिंदगियां सिहर रही है।।1।। जाने क्यों मजलूमों की आहे खुदा भी ना सुन रहा है। शैतानों ने बरसाई हैआग सारी बस्तियां उजड़ रही है।।2।। अभी कल की ही

आसान नहीं होती जिंदगी फ़ौज में

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07 -Jun-2021 Deepak Tomar War Poems 0 Comments  790 Views
आसान नहीं होती जिंदगी फ़ौज में

आसान नहीं होती जिंदगी फ़ौज में क्या कहते हो कट रही है तुम्हारी मौज में कई कई दिन गुजरे हैं अन्न और जल की खोज में . अरे काट रहे है जिंदगी अपनों से दूर रहकर कि तुम अपनो के पास रह सको दिन भर थक हार कर अपना सुख दुःख अपनों स

बर्दाश्त की अब हद हो गई,......!!!

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14 -Feb-2019 pravin tiwari War Poems 0 Comments  2,023 Views
बर्दाश्त की अब हद हो गई,......!!!

बर्दाश्त की अब हद हो गई, माफी की अब नहीं गुंजाइश है.... पाकिस्तान तुझे तो अब, तेरी औकात हमें दिखानी है.... बहाया जो लहू जवानों का तुने, उसकी भारी किमत तुझे चुकानी है.... मिटा कर तेरा नामोनिशान, आतंक को हमें सबक सिखानी है....

युद्धोन्माद

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27 -Mar-2018 Suresh Chandra Sarwahara War Poems 0 Comments  1,463 Views
युद्धोन्माद

वृन्दावन में अब नहीं रचता गोपियों संग कृष्ण का दिव्य - सृष्टि को आभासित करने वाला रास, आजकल खोई - खोई रहती है 'राधा' बिन कान्हा के रहने लगा है उसका मन भी उदास। अधीर कर देने वाली कान्हा की बाँसुरी की टेर अब न जाने कहाँ

Geeta Saar (Aalha Chhand)

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02 -Dec-2016 Ram Vallabh Acharya War Poems 0 Comments  2,616 Views
Geeta Saar (Aalha Chhand)

गीता - सार (आल्हा छंद में) कौरव पाण्डव की सेनायें खड़ी हो गईं सम्मुख आय । कुरूक्षेत्र में रण को आतुर अनगिन योद्धा पड़े दिखाय ॥ महावीर रणधीर बाँकुरे नाना भट प्रतिभट बलवान । अस्त्र शस्त्र आयुध भूषण ले धाये महासमर म

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