Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

आसान नहीं होती जिंदगी फ़ौज में

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07 -Jun-2021 Deepak Tomar War Poems 0 Comments  65 Views
आसान नहीं होती जिंदगी फ़ौज में

आसान नहीं होती जिंदगी फ़ौज में क्या कहते हो कट रही है तुम्हारी मौज में कई कई दिन गुजरे हैं अन्न और जल की खोज में . अरे काट रहे है जिंदगी अपनों से दूर रहकर कि तुम अपनो के पास रह सको दिन भर थक हार कर अपना सुख दुःख अपनों स

बर्दाश्त की अब हद हो गई,......!!!

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14 -Feb-2019 pravin tiwari War Poems 0 Comments  1,637 Views
बर्दाश्त की अब हद हो गई,......!!!

बर्दाश्त की अब हद हो गई, माफी की अब नहीं गुंजाइश है.... पाकिस्तान तुझे तो अब, तेरी औकात हमें दिखानी है.... बहाया जो लहू जवानों का तुने, उसकी भारी किमत तुझे चुकानी है.... मिटा कर तेरा नामोनिशान, आतंक को हमें सबक सिखानी है....

युद्धोन्माद

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27 -Mar-2018 Suresh Chandra Sarwahara War Poems 0 Comments  1,076 Views
युद्धोन्माद

वृन्दावन में अब नहीं रचता गोपियों संग कृष्ण का दिव्य - सृष्टि को आभासित करने वाला रास, आजकल खोई - खोई रहती है 'राधा' बिन कान्हा के रहने लगा है उसका मन भी उदास। अधीर कर देने वाली कान्हा की बाँसुरी की टेर अब न जाने कहाँ

Geeta Saar (Aalha Chhand)

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02 -Dec-2016 Ram Vallabh Acharya War Poems 0 Comments  2,240 Views
Geeta Saar (Aalha Chhand)

गीता - सार (आल्हा छंद में) कौरव पाण्डव की सेनायें खड़ी हो गईं सम्मुख आय । कुरूक्षेत्र में रण को आतुर अनगिन योद्धा पड़े दिखाय ॥ महावीर रणधीर बाँकुरे नाना भट प्रतिभट बलवान । अस्त्र शस्त्र आयुध भूषण ले धाये महासमर म

जय-पराजय

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21 -Nov-2016 Shailendra Tomar War Poems 0 Comments  3,421 Views
जय-पराजय

मलिन विजय पाकर क्या हुँकारता है इस जय को भी, तू जय मानता है छल से, संसार सारा जीतकर विष को ही धरा पर सींचकर गिर कर के पतन में जो तुम चरित्र का करके हरण ही तुम अगर लिये भी तो क्या लिये ?? बोझ सारे ही भुवन का तो लिये एक अर्

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