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वतन / Watan

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07 -Oct-2018 satyadeo vishwakarma 15 August Poem 0 Comments  96 Views
satyadeo vishwakarma

गीता कुरान भी यारों कुर्बान है ,
जान से अपने प्यारे वतन के लिए।
जाके सरहद पे भी जान दे देंगे हम,
एक दिन ए खुदा इस चमन के लिए .......
प्रेम की गंगा जमुना बहा देंगे हम,
नफ़रतों की शमा को बुझा देंगे हम,
छोड़ कर सारी खुशियाँ खुदा की कसम
होंगे कुर्बान अपने गगन के लिए.....
दूध का कर्ज एक दिन चुकाएंगे हम,
दुश्मनों को जहाँ से मिटाएँगे हम,
ताज या तख्त की कोई ख़्वाहिश नहीं,
बस तिरंगा हो मेरे कफन के लिए..........

सत्यदेव विश्वकर्मा,



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