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वतन की वन्दना करो।

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22 -Jan-2020 Anil Mishra Prahari Patriotic Poems 0 Comments  332 Views
Anil Mishra Prahari

वतन की वन्दना करो।

सबल, समृद्ध भारती
प्रदीप्त ज्योत, आरती,
पखार मिल धवल-चरण
मिले जो धूल कर वरण।
जगा प्रसुप्त तेज हर -
बला त्वरित हरो।
वतन की वन्दना करो।

शहादतों का मान कर
सहर्ष राष्ट्रगान कर,
स्वतंत्रता नहीं सरल
है माँगती लहू तरल।
अथाह देशप्रेम से
करुण - हृदय भरो।
वतन की वन्दना करो।

कलह तजो जो पीर दे
दृगों में अश्रु, नीर दे,
न हो विभक्त राग अब
उनींद से तू जाग अब।
वतन के मान के लिए
सदा जियो - मरो।
वतन की वन्दना करो।

अनिल मिश्र प्रहरी।



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