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वे चुपी से तस्वीर से बाहर तुम निकल

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02 -Oct-2019 Bijendra Aehsas Sad Poems 0 Comments  730 Views
Bijendra Aehsas

%%वे चुपी से तस्वीर से बाहर तुम निकल%%
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मैं पागल बन बैठा
लोग कहते है
ये हैं प्यार का असर।
आंसुओं से धुले मन
यादों का है
ये तेरा कैसा कहर।
बरसों से है मैं आस लिए,
तुम अपनी होठ हिलाओगी...
वे चुपी से तस्वीर से,
बाहर तुम निकल के आओगी।
हैं हमें विश्वास तुम एकदिन
दुनिया को दिखलादोगी।
हम कितना प्यार करते है
सब कुछ ये बतलादोगी।
जिक़्र-ए -मोहब्बत थी तुमसे,
तुम इतनी प्यार जताओंगी....
वे चुपी से तस्वीर से,
बाहर तुम निकल के आओगी।
उलझन को सुलझा कर
तुम जिन्दगी नयी बनाओगी।
भीड़ को कर किनारे
फिर आ गले लगाओगी।
लगता ऐसा क्यों इस मन को,
स्वपनोंं की साज सवारोंगी.....
वे चुपी से तस्वीर से,
बाहर तुम निकल के आओगी।
पतझड़ से हम उजड़े पत्ते
कब हरा-भरा कर जाओगी।
खमोशी कि तोड़ बेड़ियाँ
आजादी कब दिलवाओगी।
अकेलापन जीवन हैं मुश्किल,
खाली का तुम याद कराओगी...
वे चुपी से तस्वीर से,
बाहर तुम निकल के आओगी।।
◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
-------युवा कविः विजेन्द्र एहसास!
(बागी बलिया, उत्तर प्रदेश)
मोबा : +91-9205143324



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