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ग़ज़ल( बीते कल को हमसे वो अब चुराने की बात करते हैं)

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20 -Feb-2018 Madan Saxena Bewafai Poems 0 Comments  1,125 Views
Madan Saxena

सजाए मौत का तोहफा हमने पा लिया जिनसे
ना जाने क्यों वो अब हमसे कफ़न उधार दिलाने की बात करते हैं

हुए दुनिया से बेगाने हम जिनके इक इशारे पर
ना जाने क्यों वो अब हमसे ज़माने की बात करते हैं

दर्दे दिल मिला उनसे वो हमको प्यारा ही लगता
जख्मो पर वो हमसे अब मरहम लगाने की बात करते हैं

हमेशा साथ चलने की दिलासा हमको दी जिसने
बीते कल को हमसे वो अब चुराने की बात करते हैं

नजरें जब मिली उनसे तो चर्चा हो गयी अपनी
न जाने क्यों वो अब हमसे प्यार छुपाने की बात करते हैं


ग़ज़ल( बीते कल को हमसे वो अब चुराने की बात करते हैं)

मदन मोहन सक्सेना



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