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वो कौन थी जो मुस्करा कर चली गयी!

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30 -Dec-2018 बदनाम आशिक Love Poem 1 Comments  311 Views
वो कौन थी जो मुस्करा कर चली गयी!

वो कौन थी जो मुस्करा कर चली गयी,
वो कौन थी जो नज़रें चुरा कर चली गयी !

वो धूप थी या हवाओं की बहती ख़ुशबू,
जो मुझको खुद से महका कर चली गयी !
वो कौन थी जो...

वो मेरी शायरी का एक लफ्ज़ तक नहीं,
पर पूरी ग़ज़ल मुकम्मल करके चली गयी !
वो कौन थी जो....

वो धूप सी गर्म थी या हवाओं सी शीतल पता नहीं,
पर मेरे जिस्म से रूह को छूकर चली गयी !
वो कौन थी जो....

क्या वो बीते कल की कुछ निशानियां थी,
जो फिर बेबसी का एहसास कराकर चली गयी !
वो कौन थी जो...

या वो आनेवाले कल का सुनहरा आईना थी,
जो फिर जीने की वज़ह ज़गाकर चली गयी !
वो कौन थी जो...

जिन नज़रों ने घर किया मेरे दिल में,
उन नज़रों से मोहब्बत होती चली गयी !
वो कौन थी जो....!

उसने भी की और मैंने भी की वही गुस्ताख़ी,
और फिर जुदा हुए तो जान चली गयी !
वो कौन थी जो....
Surya Prakash



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1 More responses

  • poemocean logo
    Swajeet Kumar Trivedi the (Guest)
    Commented on 01-January-2019

    Super poetry in life no doubt thanks.

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