تم کیسے اپنی بیٹیوں کو پاک رکھوگے

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13 -Oct-2017 victorious Woman Poems 0 Comments  16 Views
تم کیسے اپنی بیٹیوں کو پاک رکھوگے

بے فکر تھی آزاد تھی خوش تھی میں بہت بچپن میں ہر ایک سایے سے محفوظ تھی بہت نہ درد نہ احساس نہ ڈر کی بات تھی تب غم کیا مصیبت بس خوشیاں ہی ساتھ تھیں میں ماں کی لاڈلی بابا کی آن تھی نازک بدن نرم دل میں سب کی جان تھی مجھکو تھی کیا خبر کے دنیا خراب ہے لوگوں کا ہے خیال کہ عورت شباب ہے بن سنور کے گھر سے جانا بڑا مشکل بد

उसका नाम है

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12 -Oct-2017 Sachin Om Gupta Woman Poems 0 Comments  26 Views
उसका नाम है

रत्यात्मक और सुधीरस है, उसका नाम है औरत | जो जन्म से अवगुणों के साथ गुणों का मिश्रण है, उसका नाम है औरत | जो जन्म से कठोर और बहुत ही सुकुमार है, उसका नाम है औरत | भावुकता से धनी और सब कुछ जीतने वाली है, उसका नाम है औरत | आप

Agar....

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11 -Oct-2017 Thakur Gourav Singh Woman Poems 4 Comments  101 Views
Agar....

Agar usane pahane hain chhote kapade, to tumne kyon hai nazar tikai aati hai wo ghar deri se to tumne kyon uspe hai nazar lagai agar wo ladaki hain unke ghar ki to hai wo devi agar wo ladaki hai dusare ghar ki to hai wo gandi-maili are mere yaaron bas karo ya sanskaron ki baatein pahale apne ladakon ko izzat karna kyon nahi sikhlate. ठाकुर गौरव सिंह #अल्फ़ाज़❤से

नारी सम्मान

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27 -Sep-2017 namrata tiwari Woman Poems 0 Comments  122 Views
नारी सम्मान

कलियुग में हर मोड पे रावण कैसे अपनी लाज बचाऊ प्रतिपल अपमानित है ऩारी किससे अपना हाल सुऩाऊ दर्द समझने वाली मइया बहने तो मिल जाती कृष्ण सा भाई मिले ना जिससे अपनी लाज बचाती वहशी दरिन्दो की बस्ती में कैसे अपनी आन मैं

मुझे रास आ गया है.

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04 -Sep-2017 rebel Woman Poems 0 Comments  77 Views
मुझे रास आ गया है.

तुम इसे दुस्साहस कहोगे, एक आम सी स्त्री का दुस्साहस, अपने विचारों को आकार देती, अपनी मनस्थिति को आवाज देती. मगर मेरे भाव, तुम ना पढ़ पाओगे, स्त्री का दुस्साहस, तुम सहन ना कर पाओगे, तुम्हें पसंद है बस सुनने वाले कान, स

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