Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हूँ गुड़िया तुम्हारी

0
28 -Apr-2019 Naveen Kumar Woman Poems 0 Comments  74 Views
हूँ गुड़िया तुम्हारी

ख्वाबों की बिंदी, उमंगों का गजरा, सपनों की काजल सजाए चली मैं । हो राहे कठिन, लक्ष्य दुर्गम भी तो क्या, चुनौती की लाली, लगाए चली मैं ।। हँसे लोग बेशक, कहें चाहे कुछ भी, चलती चली मैं, लिए लक्ष्य में । हूँ गुड़िया तुम्हार

नारी का सम्मान

0
05 -Mar-2019 DINESH CHANDRA SHARMA Woman Poems 0 Comments  322 Views
नारी का सम्मान

मानव की सारी क्रियाएं , सफल तभी हो पाती हैं | नारी का सम्मान करें तो , धरा स्वर्ग बन जाती है || जन्म दिया हमको माता ने , उदर भराया दूध पिलाया | जीवन पथ पर पग रखने का , सबसे पहले पाठ पढ़ाया | ममता और वात्सल्य के आगे , सृष्टि लघ

नारी दिवस और नारी का महत्व

0
03 -Mar-2019 mannu bhai Woman Poems 1 Comments  411 Views
नारी दिवस और नारी का महत्व

*नारी दिवस और नारी का महत्व* अगर ना होती माँ जगत में, हमे धरा पर लाता कौन अगर ना होती देवी जगत में, जग में हमे बसाता कौन अगर ना होती नानी जगत में, कहानियां सुनाता कौन अगर ना होती दादी जगत में, शीश को सहलाता कौन अगर ना हो

नारी सामर्थ !

0
02 -Mar-2019 Ankita Singh Woman Poems 2 Comments  513 Views
नारी सामर्थ !

सरस्वती की वो वर्ण भाषा है , लक्ष्मी की वो स्वर्ण आशा है , दुर्गा की निडर अभिलाषा है वो , उसे अबला न समझों जग , नारी सामर्थ की परिभाषा है । नारी सामर्थ की परिभाषा है ।। प्रीत की वो नव ऊषा है , वात्सल्य की सरल मंजूषा है , ज

नारी और नारी दिवस

0
27 -Feb-2019 mannu bhai Woman Poems 0 Comments  247 Views
नारी और नारी दिवस

नारी और नारी दिवस घर की दहलीज पार कर, गृहिणी का तकमा झाड़ दिया दुनिया के हर क्षेत्र में, खुद परचम का झंडा गाड़ दिया धरती की भी सीमा पार कर, पहुँच गई जो सितारों में ये वही पदमिनियाँ है जो, कूद पड़ी थी कभी अंगारों में दुनि

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017