Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अस्तित्त्व

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31 -Jul-2019 Divya Raj kumar Woman Poems 0 Comments  203 Views
अस्तित्त्व

औरों की शर्तों पर कब तक मैं यूँ ही खुद को उनकी ललक के खातिर तबाह करूं तन मेरा मन मेरा जीवन मेरा सांसे मेरी धड़क मेरी जो धन मेरा सबकुछ मेरा है हक दूसरे अपना ढाह गए शायद कोई कठपुतली या हास्य का जरिया इंसान नहीं मैं उन

हूँ गुड़िया तुम्हारी

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28 -Apr-2019 Naveen Kumar Woman Poems 0 Comments  112 Views
हूँ गुड़िया तुम्हारी

ख्वाबों की बिंदी, उमंगों का गजरा, सपनों की काजल सजाए चली मैं । हो राहे कठिन, लक्ष्य दुर्गम भी तो क्या, चुनौती की लाली, लगाए चली मैं ।। हँसे लोग बेशक, कहें चाहे कुछ भी, चलती चली मैं, लिए लक्ष्य में । हूँ गुड़िया तुम्हार

नारी का सम्मान

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05 -Mar-2019 DINESH CHANDRA SHARMA Woman Poems 0 Comments  382 Views
नारी का सम्मान

मानव की सारी क्रियाएं , सफल तभी हो पाती हैं | नारी का सम्मान करें तो , धरा स्वर्ग बन जाती है || जन्म दिया हमको माता ने , उदर भराया दूध पिलाया | जीवन पथ पर पग रखने का , सबसे पहले पाठ पढ़ाया | ममता और वात्सल्य के आगे , सृष्टि लघ

नारी दिवस और नारी का महत्व

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03 -Mar-2019 mannu bhai Woman Poems 1 Comments  472 Views
नारी दिवस और नारी का महत्व

*नारी दिवस और नारी का महत्व* अगर ना होती माँ जगत में, हमे धरा पर लाता कौन अगर ना होती देवी जगत में, जग में हमे बसाता कौन अगर ना होती नानी जगत में, कहानियां सुनाता कौन अगर ना होती दादी जगत में, शीश को सहलाता कौन अगर ना हो

नारी सामर्थ !

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02 -Mar-2019 Ankita Singh Woman Poems 2 Comments  617 Views
नारी सामर्थ !

सरस्वती की वो वर्ण भाषा है , लक्ष्मी की वो स्वर्ण आशा है , दुर्गा की निडर अभिलाषा है वो , उसे अबला न समझों जग , नारी सामर्थ की परिभाषा है । नारी सामर्थ की परिभाषा है ।। प्रीत की वो नव ऊषा है , वात्सल्य की सरल मंजूषा है , ज

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