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Yaad bhagat singh lana hai

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30 -Jun-2019 Naren Kaushik Indian Freedom Fighters Poems 0 Comments  652 Views
Yaad bhagat singh lana hai

बंदूक दिला दे मां मने याद भगत सिंह लाना है
भाई चारे और प्रेम का भारत एक बार फैर बनाना है
जहां भरत से भाई होया करें थे जो भाई प्रेम मे मरा करै थे
लक्ष्मन जैसे देवर हो थे जो भाभी नै भी मां कह्या करै थे
बहन बेटिया अपनी होवै थी बस इतना बतलाना है.2
बंदूक दिला दे मां मने याद भगत सिंह लाना है
भाई चारे और प्रेम का भारत एक बार फैर बनाना है

त्रषियों का वो ज्ञान सारा क्यों अंधविश्वास में बदल गया जनजीवन का रक्षक भी क्यों पत्थर में बदल गया
दया धर्म के भारत में फिर प्रेम का दीया जलाना है .2
बंदूक दिला दे मां मने याद भगत सिंह लाना है
भाई चारे और प्रेम का भारत एक बार फैर बनाना है

इंसान का इंसान दुश्मन है ज्ञान की शिक्षा नीति दुश्मन है
आंखों को चश्मा प्यारा है अपनों को सपना प्यारा है
रिश्ते भी जहां लावारिश होगे वहां फिर रामायण को दोहराना है.2बंदूक दिला दे मां मने याद भगत सिंह लाना है
भाई चारे और प्रेम का भारत एक बार फैर बनाना है

अपनी झोली भर कै सारे देश नै गरीब बतावै सै
जिन वीरा नै जान लुटा दी देश पै अपनी उननै आतंकी बतावै सै
जाति धर्म के नाम पर आपस में जिसने लड़ा दिए उसका नाम मनै मिटाना है .
बंदूक दिला दे मां मने याद भगत सिंह लाना है
भाई चारे और प्रेम का भारत एक बार फैर बनाना है

नरेन कौशिक



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