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यादों की शबनम...

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08 -Feb-2020 HARIOM AGRAWAL Love Poem 0 Comments  385 Views
HARIOM AGRAWAL

दिल की कली पर छा रही है यादों की शबनम,
आंखों से आंसू बन के सरके यादों की शबनम...

दिल तन्हा, रोती आंखें, खामोश है यह लब,
मैं हो गया दीवाना, मुझ से कह रहे हैं सब,
क्या रह गई कोई भी कमी मेरे प्यार में,
मेरे सवाल का जवाब देता नहीं रब,
मेरा नहीं था जिसको समझा मेरा मैं हमदम,
आंखों से आंसू बन के सरके यादों की शबनम...

मासूम था यह दिल मेरा जो तुम तोड़ गए,
इस भीड़ में मुझको यूं तन्हा तुम छोड़ गए,
मैंने तो की वफा और तुम पर एतबार भी,
तुम निकले बेवफा यूं हम से मुंह मोड़ गए,
हो न जाए तेरे साथ ऐसा ही सितम,
आंखों से आंसू बन के सरके यादों की शबनम...

हमने तो समझा तुम खुशबू हो हमारी,
जब तक है जिंदगी तब तक तुम हो हमारी,
पर खुशबू नहीं तुम तो निकले भवरे दीवाने,
हर फूल से यू खेलना फितरत है तुम्हारी,
तुमको ना मिले कोई ऐसा बेवफा सनम,
आंखों से आंसू बन के सरके यादों की शबनम...

दिल की कली पर छा रही है यादों की शबनम,
आंखों से आंसू बन के सरके यादों की शबनम...

-Hariom Agrawal



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