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Ye kahani hai

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06 -Aug-2018 Vishal Spiritual Poems 0 Comments  71 Views
Vishal

रचना का स्तर भी कभी तुम देखो
सर से पाव तक हर अंग को लेखों
आश्चर्य करोगे तुम कैसे बना ये प्राड़ी
मैं नमन करता हु उनको जिसने लिखी कहानी

1 धुन में सब कुछ कैसे ऊर्जा बन पिरोया
कैसे शक्ति बन ये जगत निर्माण बन होया
इंसान जिसे तुम कहते हडीडी से बना ये योनि
नमन करता हु जिसने लिखी ये कहानी

हर उचा हिमालय चढ़ने की है क्षमता
ये उज्वल ब्राह्मण मुझसे से है बनता
ऊर्जा क्षमता मुजमे है बहोत यानी
में नमन करता हु जिसने लिखी ये कहानी

न मरता न पैदा होता कोई कितना हु में
खुद बनता ओर बढ़ता रहता हूं में
देखो कितना ज्यादा है उज्वल शक्तिशली
में नमन करता हु उनको जिसने लिखी कहानी

मस्तिष्क देखो अब तुम मेरा मुश्किल है समझना
शरीर का खुद ब खुद कर यू ही चलना
जटिल कठिन और है कतना ये चमत्कारी
नमन करता हु उनको जिसने लिखी ये कहानी



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