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ये नखरे ये शर्माना

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14 -Sep-2021 Ravi Love Poem 0 Comments  272 Views
Ravi

ये नखरे, ये शर्माना, यह प्यार का है बहाना,
अरे दिल पर रखना काबू, न हो जाना दीवाना ।
ये नखरे, ये शर्माना....
थोड़ा सा गुस्साना, फिर पल में ही खिल जाना,
तु लगती हो बड़ी प्यारी, अरी वो परियों की रानी,
थोड़ा सा नखरे, छोड़ के तो देख ले मेरी रानी,
फिर चली तु भी जाना, दिल तोड़ के वो महारानी,
अरे दिल पर रखना काबू, न हो जाना दीवाना ।
ये नखरे, ये शर्माना....
थोड़ा सा इठलाना, फिर मन ही मन मुस्काना,
तु कर देती हो घायल, अरी वो हसीनों की रानी,
थोड़ा शर्म छोड़ के, मेरे पास तो आ जा रानी,
फिर अनजान तु भी बन जाना, दिल देके वो सयानी,
अरे दिल पर रखना काबू, न हो जाना दीवाना ।
ये नखरे, ये शर्माना....
चेहरा तेरी मतवाली, नयना भी है शराबी,
बना दी दीवाना मुझको, अरी वो जन्नत की महारानी,
ज़रा इतराना छोड़ के, मुझे अपना बना लो जानी,
फिर बन-ठन के तु भी आना, मेरी दुल्हन बन के वो रानी,
अरे दिल पर रखना काबू, न हो जाना दीवाना ।
ये नखरे, ये शर्माना....
रचयिता: डॉ. रवि भूषण सिन्हा, रॉंची, झारखंड ।

ये नखरे ये शर्माना


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