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ये तेरे होठ गुलाबी

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17 -Aug-2019 HARIOM AGRAWAL Love Poem 0 Comments  435 Views
HARIOM AGRAWAL

तेरा यौवन लगे गुलिस्तां, लगने लगे हैं गुलाब
ये तेरे होठ गुलाबी, ये तेरे होठ गुलाबी
बगिया में दीवाने हुए हैं, भंवरे सभी तमाम
ये तेरे होठ गुलाबी, ये तेरे होठ गुलाबी...

तुझसे हसीं हैं तेरी अदायें, दिल तो इन्ही ने चुराया है
संगेमरमर तेरा यौवन, पागल इसने बनाया है
मेरा दिल अब रहा न मेरा, हुआ है जिनके नाम
ये तेरे होठ गुलाबी...

रही न पहले जैसी दुनिया, मेरा दिल ये कहता है
चला है जादू तेरा ही, हर मौसम सावन लगता है
और इस सावन की खुशबू में, रंगो की है बहार
ये तेरे होठ गुलाबी...

गुनगुनाए गीत प्रेम का, बारिश की झरमर बुँदे
ठंडी हवा की मीठी खुशबू, प्रीत में पागल दिल ढूंढे
मेरा दिल जो दीवाना हुआ है, है इसका इल्जाम
ये तेरे होठ गुलाबी...

कहने लगे अब मुझसे पंछी, मैं बन गया हूँ दीवाना
मैंने कहा हाल-ऐ-दिल मेरा, जरा उन्हें भी बतलाना
गूँज रहा है दिल की धड़कन, में तेरा ही नाम
ये तेरे होठ गुलाबी...

देखा तुझको मेरी गली में, जाने कितने दिनों के बाद
दिल धड़का है बड़ी ख़ुशी से, जाने कितने दिनों के बाद
छेड़ गए हैं दिल के, पुराने वही प्यार के तार
ये तेरे होठ गुलाबी , ये तेरे होठ गुलाबी...

-हरिओम अग्रवाल



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