Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

ज़िन्दगी और सच्च।

0
25 -Nov-2021 Harpreet Ambalvee Life Poem 0 Comments  119 Views
ज़िन्दगी और सच्च।

मैंने जिंदगी में बस एक अपने लिए काम किया,
जब दिलो, ज़हन से तेरा एहतराम किया,
मेरी जिंदगी, तो जिंदगी बन गई लेकिन,
न जाने तेरी जिंदगी में क्या कोहराम किया,

इरादे तो मेरे हमेशा अच्छे ही रहे,
ना जाने तजुर्बे कैसे कच्चे रहे,
झूठ से नफरत ही मेरी कमज़ोरी रही,
झूठ को पालने वाले सच्चे रहे,

मैं तो आज भी खुश हूं उसकी रज़ा मे,
क्यों शरीक करूं अपने चाहने वालों को इस सज़ा मे,
बीते दिन जो तेरे मुझसे मिलने से पहले,
वही दिन तेरे लिए अच्छे रहे,

शिकवा खुदा से एक ही रहेगा ए अम्बालवी,
तुझसे बिछड़ने के बाद,

ज़हन से सोचने वाले कैसे,
दिलों से सोचने वालो से बेहतर रहे।

ज़िन्दगी और सच्च।


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017