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जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए

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09 -Jan-2019 Akanksha Thawait Dream Poems 1 Comments  353 Views
जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए

जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए.......
बदलते वक्त की तरह, जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए
ख्वाब जो आंखों में थे, अब हकीकत में नजर आए
जिस खामोशी से दिन ढल जाता है, उस खामोशी को जुबां मिल जाए
जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए
जो फरियाद दिल मे दबा रखी है, वो दुआ बनकर सामने आ जाए
मन के धागे से बुने गये सपने, हकीकत में साकार हो जाए
जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए
मन की चंचलता खुशियों से गुलज़ार हो जाए,
मझधार में अटकी हुई नौका पार हो जाए
धूप छाँव के बीच अटकी हुई जिंदगी,
इंद्रधनुषी रंगों से सरोबार हो जाए,
पतझड़ सी बीत रही जिंदगी अचानक से सदाबहार हो जाए
जिंदगी कुछ इस तरह बदल जाए।



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1 More responses

  • poemocean logo
    Pihu thawait (Registered Member)
    Commented on 09-January-2019

    Nice poem .

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