Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Keshav

List of popular and best poems written by Keshav

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कहो ना प्रिय भँवर है

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29 -Mar-2021 Keshav Motivational Poems 0 Comments  74 Views
कहो ना प्रिय भँवर है

कहो ना प्रिय भँवर है।
उड़ान को पंख नहीं है।
दूर-दूर अंबर ऊँ

सुनसान सी सङक है

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26 -Mar-2021 Keshav Motivational Poems 0 Comments  14 Views
सुनसान सी सङक है

सुनसान सी सड़क है,मैं हूं अकेला,सफर जिन्दगी है सपनों का मेल

उदय हुआ जो पूर्वांचल में

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26 -Mar-2021 Keshav Human Being Poems 0 Comments  7 Views
उदय हुआ जो पूर्वांचल में

उदय हुआ जो पूर्वांचल में, अस्त तो होना है, क्या-क्या खोना ह

रस भरी तेरे अंग-अंग मद भरे

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26 -Mar-2021 Keshav Holi Poems 0 Comments  53 Views
रस भरी तेरे अंग-अंग मद भरे

रसभरी तेरे अंग-अंग मद भरे, पिया मोहे प्रीति में भीगो रंग ल

शोर सा है गली-गली

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26 -Mar-2021 Keshav Motivational Poems 0 Comments  42 Views
शोर सा है गली-गली

शोर सा है गली-गली, पहचान बिक रहा है, सम्मान बिक रहा है।
खरी

आओ फिर से वीरों की गाथा गाएँ

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24 -Mar-2021 Keshav Indian Freedom Fighters Poems 0 Comments  125 Views
आओ फिर से वीरों की गाथा गाएँ

आओ फिर से वीरों की गाथा गाएँ।
अमर प्रेम से ओतप्रोत वो संग

लेकर चल मुझे कहीं दूर

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24 -Mar-2021 Keshav Basant Poem 0 Comments  124 Views
लेकर चल मुझे कहीं दूर

लेकर चल मुझे कहीं,दूर ख्वाब हो अपना सा,दिल की किताब हो अपन

कब तक माववता के धैर्य को तौलेगा

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21 -Mar-2021 Keshav Motivational Poems 0 Comments  17 Views
कब तक माववता के धैर्य को तौलेगा

कब तक मानवता के धैर्य को तौलेगा

कब तक मानवता के धैर्य को

मुकम्मल सा हिसाब है

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21 -Mar-2021 Keshav Culture Poems 0 Comments  52 Views
मुकम्मल सा हिसाब है

मुकम्मल सा हिसाब है

मुकम्मल सा हिसाब है इस कदर।
कोई नाम

वो गौरैया

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21 -Mar-2021 Keshav Birds Poem 0 Comments  40 Views
वो गौरैया

विस्व काव्य दिवस के अवसर पर समर्पित

गौरैया-गौरेया,मैं औ

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