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Shivendra Singh

List of popular and best poems written by Shivendra Singh

Shivendra Singh
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Shivendra Singh

.. कोरोना संकटकाल में बेबस मजदूर .....

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17 -May-2020 Shivendra Singh Human Being Poems 0 Comments  370 Views
.. कोरोना संकटकाल में बेबस मजदूर .....

अपनो की भूख ने ,
शहरों की तरफ दौडा़या।
शहरों में हमने अपना

........बुढा़पा बिना सहारा .......

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10 -Apr-2020 Shivendra Singh Old People Poems 0 Comments  662 Views
........बुढा़पा बिना सहारा .......

आया जब बुढापा,
छोड़ साथ सब भागे |
हम कल तक थे जो सबके ,
आज र

कोरोना का डर है....!!!!!!!

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03 -Apr-2020 Shivendra Singh Natural Disasters Poems 0 Comments  256 Views
कोरोना का डर है....!!!!!!!

कोरोना का डर है ,
हर कोई अपने घर है |
बाजार पडे़ अब सूने ,

तू नही पास मेरे तो एहसास है,

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27 -Oct-2019 Shivendra Singh Lonely Poems 0 Comments  550 Views
तू नही पास मेरे तो एहसास है,

गीत....!!!



तू नही पास मेरे तो एहसास है
तुझसे मिलने को मुझको

इंसानियत में ही सबका भला है......!!!

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20 -Apr-2019 Shivendra Singh Social Poems 0 Comments  767 Views
इंसानियत में ही सबका भला है......!!!

कई दिनों की जुदाई थी,
जब हमने घर में अंतिम गरम रोटी खाई थी

मै वक्त हूं ..||

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26 -Jan-2019 Shivendra Singh Time Poems 0 Comments  1,260 Views
मै वक्त हूं ..||

मैं वक्त हूं खामोशी से निकल जाता हूं ,
कुछ तो संदेशा सबको

वक्त बदल जाये तो क्या करोगे....!!!

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04 -Mar-2018 Shivendra Singh Time Poems 0 Comments  884 Views
वक्त बदल जाये तो क्या करोगे....!!!

वक्त बदल जाये ,
तो क्या करोगे |
वक्त बदल जाये,
तो क्या करो

सांस जब तक है ....!!!

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06 -Jan-2018 Shivendra Singh Life Poem 0 Comments  896 Views
सांस जब तक है ....!!!

सांस जब तक है,
तभी तक जिंदगी है |
डोर टूट जाये ,
तो फिर ना क

ऐसा ना जाने कितनों के साथ होता है

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07 -Nov-2017 Shivendra Singh Memories Poems 0 Comments  733 Views
ऐसा ना जाने कितनों के साथ होता है

ऐसा ना जाने कितनों के साथ होता है ,
वक्त आज अपना,
तो कल किस

दीपों के त्यौहार का कुछ तो महत्व मानिए

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18 -Oct-2017 Shivendra Singh Diwali Poem 0 Comments  597 Views
दीपों के त्यौहार का कुछ तो महत्व मानिए

दीपों के त्यौहार का कुछ तो महत्व मानिए,
अपने ऐतिहासिक पर

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